'गौ-चालीसा' श्री गणेश को सुमिर के, शारद शीश नवाय ! गौ माँ की महिमा कहूँ, कंठ विराजो आय !! मंदमती मैं मात गौ, मुझको तनिक न ज्ञान ! कृपा करो हे नंदिनी, महिमा करूँ बखान !! जय जय जय जय जय गौ मा...
*श्री शिक्षाष्टकम्* भगवान श्री गौरसुन्दर चैतन्य महाप्रभु ने अपने शिष्यों को श्रीकृष्ण-तत्त्व पर ग्रन्थों की रचना करने की आज्ञा दी, जिसका पालन उनके अनुयायी आज तक कर रहे है...
प्रेम विलास विवर्त प्रेम-विलास-विवर्त का देह-मन-प्राणादि का ऐक्य-मनन, या अभेद-ज्ञान, ज्ञान-मार्ग साधक के अभेद-ज्ञान जैसा नहीं है.ज्ञान-मार्ग की मूल भित्ति ही है जीव और ब्रह्...