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नवद्वीप धाम माहात्म्य मूल परिचय

                    मूल परिचय                 श्रीगौर और श्रीकृष्ण अभिन्न तत्व हैं , उनमें कोई भेद नहीं है। माधुर्य विग्रह श्रीकृष्ण ही साक्षात ओदार्यविग्रह श्रीगौरसुन...

गो चालीसा

'गौ-चालीसा' श्री गणेश को सुमिर के, शारद शीश नवाय ! गौ माँ की महिमा कहूँ, कंठ विराजो आय !! मंदमती मैं मात गौ, मुझको तनिक न ज्ञान ! कृपा करो हे नंदिनी, महिमा करूँ बखान !! जय जय जय जय जय गौ मा...

श्रीराधा कृपा कटाक्ष

मुनीन्दवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी, प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी। व्रजेन्दभानुनन्दिनी व्रजेन्द सूनुसंगते, कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥ (१) भा...

श्री शिक्षा अष्टकम

*श्री शिक्षाष्टकम्* भगवान श्री गौरसुन्दर चैतन्य महाप्रभु ने अपने शिष्यों को श्रीकृष्ण-तत्त्व पर ग्रन्थों की रचना करने की आज्ञा दी, जिसका पालन उनके अनुयायी आज तक कर रहे है...

प्रेम विलास विवर्त

प्रेम विलास विवर्त प्रेम-विलास-विवर्त का देह-मन-प्राणादि का ऐक्य-मनन, या अभेद-ज्ञान, ज्ञान-मार्ग साधक के अभेद-ज्ञान जैसा नहीं है.ज्ञान-मार्ग की मूल भित्ति ही है जीव और ब्रह्...