श्री राधा बाबा जू भक्ति की सीढिया 1.छोटी छोटी टान(आकर्षण) 2.सत्संग 3.भजन 4.दोष की निवृति 5.निष्ठा 6.रुचि 7.आसक्ति 8.प्रीति का अंकुर और 9.प्रेम ये 9 सीढिया है । इसमें हम लोग तीसरी सीढ़ी पर ह...
भावी का भजन.. जिस जगत में हम रहा करते है उसे हम लौकिक जगत के नाम से संबोधन देते है.. इसी प्रकार भाव से ओत प्रोत भावी (भक्त) का भी अपना एक विलक्षण (बहुत ही अलग) भाव जगत है.. वह भाव जगत जिस ...
प्रेमी का विलाप..(संक्षिप्त) उधौ मन न भये दस बीस.. एक हतौ सो गयौ स्याम संग.. अब को आराधै ईस.... श्री कृष्ण की आज्ञा पाकर जब उद्धव मथुरा से व्रज गए..तब रात्रि विश्राम कर अगले दिन गोपियो...
श्री चैतन्य चरितामृत में श्री चैतन्य महाप्रभु एवं श्री विष्णुप्रिया देवी जी मे आपसी संवाद मे महाप्रभु जी कहते है कि हे देवी ! तुममें दो गुण अति विशेष है - एक तो आप तैरना जानत...
श्री राधा बाबा जू भक्ति की सीढिया 1.छोटी छोटी टान(आकर्षण) 2.सत्संग 3.भजन 4.दोष की निवृति 5.निष्ठा 6.रुचि 7.आसक्ति 8.प्रीति का अंकुर और 9.प्रेम ये 9 सीढिया है । इसमें हम लोग तीसरी सीढ़ी पर ह...
श्री राधा बाबा जू भक्ति की सीढिया 1.छोटी छोटी टान(आकर्षण) 2.सत्संग 3.भजन 4.दोष की निवृति 5.निष्ठा 6.रुचि 7.आसक्ति 8.प्रीति का अंकुर और 9.प्रेम ये 9 सीढिया है । इसमें हम लोग तीसरी सीढ़ी पर ह...