Posts

कृष्ण विरह

राधे राधे शुभ प्रभात 🌼🌹आज की "ब्रज रस धारा"🌹🌼 दिनांक 28/01/2017 रासपंचाध्यायी के प्रथम अध्याय के श्लोक २७ में भगवान गोपियों को बड़े रहस्य की बात बता रहे है,यही बात भगवान ने उद्धव ज...

सखी छिप जाओ(तृषित जु)

सखी वें आ रहे ... छिप जाओ । *आ ... आ ... आ रहे !! ... छिप ... छिप ... हाय ! क्यों सखी ...* सखी उन्हें व्याकुल होना होगा तभी वें समझेंगे तुम्हारे प्रेम को ... हम ऐसे कैसे मिलने दे तुम्हें ... ??? तनिक कुछ मूल्य तो ल...

शरणागति

🌹🌹🌹जय श्री कृष्ण🌹🌹🌹 🌹🌹🌹जय श्री राधे🌹🌹🌹 🌻🌻|| श्रीहरि: ||🌻🌻 *सत्संग पीयूष : शरणागति* *खोज पकड़ सैंठे रहो, धणी मिलेंगे आय ।* *अजया गज मस्तक चढ़े, निर्भय कोंपल खाय ।।* बहुत सी भेड़ ...

श्रीवृन्दावन महिमामृत

🌹श्री वृन्दावन महिमामृत🌹 हास्य, नृत्य तथा गान करते-करते, अतिशय पुलकित तथा अश्रुपूर्ण नेत्रों से बार-बार स्तम्भ, स्वेद आदिति मधुर भावयुक्त होकर, अपने प्रियतम श्रीराधापत...

भक्त

🙏🙏🙏🙏🙏 *3  ऐसे भक्त, जिनके शरीर का कुछ भी पता नहीं चल सका* *कबीरदास* (1398-1518)— 1518 में कबीर ने काशी के पास मगहर में देह त्याग दी। मृत्यु के बाद उनके शव को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। हिन्...

शरणागत भक्त

अपने शरणागत भक्त के लिये क्या-क्या रुप नहीं धरते वे ! और क्यों न धरें? आश्रित की जिम्मेवारी तो सदा से ही आश्रयदाता की ! *किन्तु आश्रित की ही !* *और आश्रित भी कैसा? जिसे अपनी देह की भ...

गोपिभाव भाई जी

गोपीभाव की प्राप्ति- सप्रेम हरिस्मरण! पत्र मिला । आप गोपी-प्रेम प्राप्त करने की अभिलाषा रखते हैं- यह तो बड़े सौभाग्य की बात है । उसके लिये आपने जो तीन प्रश्न पूछे हैं, उनके वि...